Sunday, September 20, 2026

मेरही गाँव में बाढ़ से बचाव: बारिश के मौसम में इन बातों का रखें ध्यान


मेरही गाँव में बाढ़ और जलभराव से बचाव के लिए मानसून की तैयारी करते ग्रामीण परिवार
मेरही गाँव में बाढ़ से बचाव

मेरही गाँव में बाढ़ से बचाव: बारिश और बाढ़ के समय क्या करें?

बरसात का मौसम गाँव के लिए हमेशा सिर्फ परेशानी लेकर नहीं आता। बारिश से खेतों को पानी मिलता है, तालाब और पोखर भरते हैं और खेती के लिए जरूरी पानी उपलब्ध होता है। लेकिन जब बारिश लगातार कई दिनों तक हो, आसपास के इलाकों में पानी बढ़ने लगे या नालियों और प्राकृतिक जल निकासी के रास्तों में पानी रुक जाए, तो यही बारिश बाढ़ और जलभराव का रूप ले सकती है।

मेरही गाँव भी बिहार के उन ग्रामीण इलाकों में है जहाँ मानसून के दौरान बारिश, जलभराव और आसपास के जल-निकासी तंत्र पर नजर रखना जरूरी है। मेरही, हसनपुरा प्रखंड, सिवान जिले में स्थित है। गाँव का क्षेत्रफल लगभग 2.58 वर्ग किलोमीटर है और यह गंगा के मैदानी क्षेत्र की अपेक्षाकृत समतल भूमि पर स्थित है। उपलब्ध स्थानीय जानकारी के अनुसार गाँव की औसत ऊँचाई लगभग 61.9 मीटर है और यहाँ की बड़ी आबादी खेती तथा उससे जुड़े कामों पर निर्भर है।

इसलिए मेरही में बाढ़ से बचाव का मतलब केवल पानी आने के बाद घर छोड़ना नहीं है। असली बचाव पहले से तैयारी करने, पानी के रास्ते को समझने और सही समय पर सावधानी बरतने में है।

मेरही की भौगोलिक स्थिति बाढ़ के समय क्यों महत्वपूर्ण है?

मेरही की जमीन काफी हद तक समतल और कृषि आधारित है। ऐसी जमीन सामान्य परिस्थितियों में खेती के लिए बहुत उपयोगी होती है, लेकिन भारी बारिश के समय पानी को तेजी से बाहर निकालना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

सिवान जिले के लिए National Remote Sensing Centre (NRSC) के Flood Hazard Atlas में 1998–2019 के दौरान बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों का अध्ययन किया गया है। पूरे सिवान जिले के लिए अलग-अलग स्तर के flood-hazard क्षेत्र दर्ज किए गए हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि हर साल मेरही में बाढ़ आएगी, बल्कि यह बताता है कि जिले में बारिश और बाढ़ के जोखिम को समझकर स्थानीय स्तर पर तैयारी रखना जरूरी है।

बिहार सरकार के Water Resources Department के अनुसार सिवान जिले में ऐतिहासिक रूप से बाढ़ का प्रभाव दर्ज किया गया है। उपलब्ध सरकारी आंकड़ों में 1995–2010 के बीच सिवान के लिए अधिकतम inundation लगभग 450 वर्ग किलोमीटर दर्ज किया गया था।

इसलिए मेरही जैसे गाँव में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह नहीं है कि “बाढ़ आएगी या नहीं?”, बल्कि यह है कि “अगर बहुत ज्यादा बारिश हुई और पानी तेजी से बढ़ा तो हम कितने तैयार हैं?”


बाढ़ आने से पहले मेरही के लोगों को क्या तैयारी करनी चाहिए?

बाढ़ से बचाव का सबसे अच्छा तरीका है कि तैयारी पानी आने से पहले कर ली जाए।

1. घर के आसपास पानी निकलने का रास्ता साफ रखें

गाँव में कई बार पानी की समस्या सिर्फ बारिश की मात्रा से नहीं, बल्कि पानी के रास्ते बंद होने से भी बढ़ जाती है। घर के सामने, गली, नाली, छोटे पुलिया-पुल और खेतों के किनारे बने पानी के रास्तों में कूड़ा, प्लास्टिक, मिट्टी या झाड़ियाँ जमा न होने दें। अगर किसी जगह हर साल बारिश का पानी जमा होता है, तो मानसून से पहले उस स्थान की सफाई और जल निकासी की व्यवस्था पर ध्यान देना बहुत उपयोगी हो सकता है।

एक छोटी नाली बंद होने से कई घरों के सामने पानी जमा हो सकता है।


2. जरूरी सामान जमीन से ऊपर रखें

अगर तेज बारिश का अनुमान हो तो घर में रखे जरूरी सामान को फर्श पर न रखें।

विशेष रूप से:

  • अनाज और चावल

  • गेहूँ और आटा

  • दाल

  • पशुओं का चारा

  • जरूरी कागजात

  • आधार/पहचान संबंधी दस्तावेज

  • जमीन के कागजात

  • बैंक से जुड़े दस्तावेज

  • दवाइयाँ

  • मोबाइल और चार्जर

  • टॉर्च और अतिरिक्त बैटरी

  • बच्चों की जरूरी चीजें

इन सामानों को ऊँची अलमारी, मजबूत बक्से या घर के ऊँचे हिस्से में रखना बेहतर है।


3. जरूरी दस्तावेजों को सुरक्षित रखें

बाढ़ में घर की दीवार या सामान खराब होने से ज्यादा बड़ी परेशानी कई बार जरूरी कागजात खो जाने से होती है। इसलिए जमीन, बैंक, पहचान पत्र, स्कूल के प्रमाणपत्र और अन्य जरूरी दस्तावेजों की फोटो या स्कैन कॉपी मोबाइल में रखें। संभव हो तो उनकी एक डिजिटल कॉपी किसी सुरक्षित cloud storage या email में भी रखें।


4. मोबाइल हमेशा चार्ज रखें

बाढ़ के समय बिजली चली जाना आम समस्या हो सकती है।

इसलिए बारिश ज्यादा होने पर:

मोबाइल → Power Bank → Torch → जरूरी नंबर

इन चार चीजों को तैयार रखना चाहिए। परिवार के सभी सदस्यों को कम से कम दो-तीन जरूरी संपर्क नंबर पता होने चाहिए। सिर्फ एक व्यक्ति के मोबाइल में नंबर सेव करके न रखें।


5. घर में एक छोटा Emergency Bag तैयार रखें

हर परिवार के पास एक छोटा emergency bag होना बहुत उपयोगी है।

इसमें रखा जा सकता है:

  • पीने का पानी

  • सूखा भोजन

  • जरूरी दवाइयाँ

  • टॉर्च

  • Power Bank

  • अतिरिक्त मोबाइल चार्जर

  • माचिस/लाइटर को waterproof pouch में

  • जरूरी कागजात की कॉपी

  • थोड़े पैसे

  • बच्चों की आवश्यक चीजें

  • कपड़े

  • सैनिटरी सामग्री

अगर घर खाली करके सुरक्षित स्थान पर जाना पड़े तो यह बैग तुरंत साथ लिया जा सकता है।


6. बच्चों और बुजुर्गों पर विशेष ध्यान दें

बाढ़ के पानी में बच्चे अक्सर खतरे को समझ नहीं पाते।

उन्हें साफ-साफ समझाएं कि:

बाढ़ के पानी में खेलने नहीं जाना है।

तालाब, नहर, गड्ढे, पुलिया या तेज बहाव वाले रास्तों के पास बच्चों को अकेले न जाने दें। बुजुर्ग, छोटे बच्चे और ऐसे लोग जिन्हें चलने-फिरने में परेशानी होती है, उनके लिए पहले से सुरक्षित स्थान तय रखना बेहतर है।


बाढ़ का पानी बढ़ने लगे तो क्या करें?

जब पानी बढ़ना शुरू हो जाए तो सबसे जरूरी चीज है घबराने के बजाय सही निर्णय लेना।

1. प्रशासन की चेतावनी को गंभीरता से लें

अगर प्रशासन या अधिकृत मौसम/आपदा प्रबंधन स्रोत से चेतावनी मिलती है तो उसे नजरअंदाज न करें।

भारत सरकार का NDMA का SACHET प्लेटफॉर्म विभिन्न आपदाओं के लिए अधिकृत स्रोतों से geo-targeted alerts उपलब्ध कराता है और राज्य या जिले के लिए alerts प्राप्त करने की सुविधा भी देता है।

इसलिए परिवार में कम से कम एक व्यक्ति को मौसम और आपदा संबंधी आधिकारिक अपडेट देखते रहना चाहिए।


2. बिजली से सावधान रहें

अगर घर में पानी घुसने लगे तो बिजली के उपकरणों को छूने से बचें।

गीले हाथ से:

  • Switch

  • Plug

  • Extension board

  • Cooler

  • Refrigerator

  • Washing machine

  • मोटर

को छूना खतरनाक हो सकता है।

जरूरत पड़ने पर मुख्य बिजली सप्लाई बंद करने की व्यवस्था पहले से समझ लेना अच्छा है, लेकिन यदि आसपास पानी भर गया हो और स्विच तक पहुँचना जोखिम भरा हो तो खुद ऐसा करने की कोशिश न करें।


3. बहते हुए पानी को कभी हल्के में न लें

सड़क पर कुछ इंच पानी देखकर यह अनुमान लगाना मुश्किल होता है कि नीचे सड़क है या गड्ढा।

बाढ़ के पानी में:

तेज बहाव + गड्ढा + खुला नाला + बिजली का खतरा

इनमें से कोई भी चीज दिखाई नहीं दे सकती।

इसलिए पैदल या बाइक से बहते पानी को पार करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।


4. पुलिया और निचले रास्तों से सावधान रहें

मेरही जैसे ग्रामीण इलाके में खेतों और गाँवों को जोड़ने वाले रास्ते बारिश में सबसे पहले प्रभावित हो सकते हैं।

अगर किसी रास्ते पर पानी तेजी से बह रहा है तो वहाँ से निकलने के बजाय दूसरा सुरक्षित रास्ता चुनना बेहतर है।

“पहले भी तो निकल गए थे” सोचकर इस बार भी उसी रास्ते से निकलना सुरक्षित होने की गारंटी नहीं है।

हर बारिश में पानी का स्तर और बहाव अलग हो सकता है।


खेतों और फसलों पर क्या असर पड़ सकता है?

मेरही कृषि आधारित गाँव है, इसलिए बाढ़ या लंबे समय तक जलभराव का असर सिर्फ घरों तक सीमित नहीं रहता।

लगातार पानी जमा रहने से:

  • धान और दूसरी फसलों को नुकसान हो सकता है

  • खेतों में जलभराव बढ़ सकता है

  • मिट्टी की ऊपरी परत प्रभावित हो सकती है

  • बीज और खाद खराब हो सकते हैं

  • कृषि उपकरणों को नुकसान हो सकता है

  • पशुओं के चारे की कमी हो सकती है

हालांकि फसल पर वास्तविक असर बारिश की मात्रा, पानी की गहराई, कितने समय तक पानी जमा रहा और फसल की अवस्था पर निर्भर करेगा।

इसलिए हर साल एक जैसा नुकसान होगा, ऐसा मानना सही नहीं होगा।


पशुओं को भी पहले से सुरक्षित करें

गाँव में बाढ़ की स्थिति में पशुओं की सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी है जितनी परिवार की।

बारिश बढ़ने से पहले:

  • पशुओं को ऊँचे और सुरक्षित स्थान पर रखें।

  • चारा सूखी जगह पर रखें।

  • पीने का साफ पानी उपलब्ध रखें।

  • पशुओं को गंदे या दूषित पानी में जाने से रोकें।

  • पशुओं को बांधने वाली रस्सी ऐसी रखें कि जरूरत पड़ने पर जल्दी खोली जा सके।

  • बीमार या कमजोर पशुओं पर विशेष ध्यान दें।

कई परिवारों के लिए पशु सिर्फ घरेलू संपत्ति नहीं बल्कि उनकी रोजी-रोटी का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं।


पीने के पानी का विशेष ध्यान रखें

बाढ़ के बाद सबसे बड़ी समस्याओं में से एक साफ पानी की होती है।

बाढ़ का पानी कुएँ, चापाकल के आसपास की जमीन या अन्य जलस्रोतों को दूषित कर सकता है।

इसलिए बिना पुष्टि के बाढ़ के बाद किसी भी संदिग्ध जलस्रोत का पानी पीने से बचें।

पानी की गुणवत्ता को लेकर स्थानीय प्रशासन या स्वास्थ्य विभाग की सलाह का पालन करें।


बाढ़ के बाद क्या सावधानी रखें?

पानी उतर जाने के बाद यह समझना जरूरी है कि खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।

घर में वापस जाने से पहले

देखें:

  • दीवार में दरार तो नहीं है

  • छत या सीढ़ी सुरक्षित है या नहीं

  • बिजली की वायरिंग सुरक्षित है या नहीं

  • गैस सिलेंडर ठीक स्थिति में है या नहीं

  • कहीं जहरीले जीव या सांप छिपे तो नहीं हैं

  • फर्श और पानी के संपर्क में आए सामान की स्थिति कैसी है

बाढ़ के बाद सफाई करते समय हाथ-पैर को सुरक्षित रखें और दूषित पानी के सीधे संपर्क से बचें।


मेरही में किन जगहों पर विशेष ध्यान देना चाहिए?

मेरही की स्थानीय भौगोलिक स्थिति को देखते हुए बारिश के मौसम में कुछ प्रकार के स्थानों की निगरानी विशेष रूप से उपयोगी हो सकती है।

🌧️ 1. निचले हिस्से

जहाँ आसपास के मुकाबले जमीन थोड़ी नीची है, वहाँ बारिश का पानी पहले जमा हो सकता है।

🌾 2. खेतों के आसपास

खेतों में लंबे समय तक पानी जमा रहने से फसल और मिट्टी प्रभावित हो सकती है।

🛣️ 3. गाँव के संपर्क मार्ग

मुख्य सड़क से गाँव या आसपास के क्षेत्रों को जोड़ने वाले निचले रास्तों पर पानी जमा होने की स्थिति में आवागमन प्रभावित हो सकता है।

🌊 4. Chhath Ghat और जलस्रोतों के आसपास

मेरही में Chhath Ghat गाँव के महत्वपूर्ण स्थानीय स्थानों में से एक है। बारिश के मौसम में यहाँ पानी के स्तर और आसपास की जमीन की स्थिति पर ध्यान रखना चाहिए।

यह जरूरी नहीं कि इन सभी स्थानों पर हर साल बाढ़ आए। बात सिर्फ इतनी है कि भारी बारिश के समय इन जगहों की स्थिति पर नजर रखना समझदारी होगी।


गाँव के स्तर पर क्या किया जा सकता है?

बाढ़ से बचाव केवल एक परिवार की जिम्मेदारी नहीं है। पूरा गाँव अगर थोड़ी तैयारी कर ले तो परेशानी काफी कम की जा सकती है।

मेरही में स्थानीय स्तर पर कुछ काम उपयोगी हो सकते हैं:

  1. मानसून से पहले नालियों और जल निकासी मार्गों की सफाई।

  2. पानी जमा होने वाले स्थानों की पहचान।

  3. सुरक्षित ऊँचे स्थानों की जानकारी गाँव के लोगों तक पहुँचाना।

  4. बुजुर्गों और बच्चों की सहायता के लिए स्थानीय समूह बनाना।

  5. पशुओं के लिए सुरक्षित स्थान की पहचान।

  6. जरूरी फोन नंबरों की सूची तैयार रखना।

  7. भारी बारिश के समय गाँव के रास्तों और जलस्तर पर नजर रखना।

  8. अफवाहों के बजाय सरकारी और अधिकृत सूचना पर भरोसा करना।


एक परिवार की छोटी सी तैयारी बड़ा नुकसान बचा सकती है

मानसून से पहले सिर्फ एक दिन निकालकर अगर परिवार यह तय कर ले कि:

“पानी बढ़ा तो हम कहाँ जाएंगे?”

“जरूरी कागज कहाँ रखे हैं?”

“बच्चों को कौन संभालेगा?”

“पशुओं को कहाँ ले जाएंगे?”

“मोबाइल और Power Bank कहाँ हैं?”

तो आपात स्थिति में घबराहट काफी कम हो सकती है।

बाढ़ के समय सबसे बड़ी गलती अक्सर पानी को कम आंकना होती है।


मेरही के लिए सबसे जरूरी बात

मेरही की भौगोलिक स्थिति समतल मैदानी क्षेत्र की है और गाँव का जीवन खेती तथा स्थानीय जलस्रोतों से काफी जुड़ा हुआ है। ऐसे इलाके में भारी बारिश के दौरान जलभराव और पानी की निकासी को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। सिवान जिले के आधिकारिक आपदा प्रबंधन विवरण के अनुसार बिहार में मानसून के दौरान नदियों का प्रवाह काफी बढ़ सकता है और राज्य का बड़ा हिस्सा बाढ़ के जोखिम से प्रभावित है।

लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि मेरही में हर भारी बारिश बाढ़ में बदल जाएगी।

स्थानीय स्तर पर असली स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि उस समय कितनी बारिश हुई, आसपास के क्षेत्रों में पानी की क्या स्थिति है, स्थानीय drainage कैसा काम कर रहा है और पानी कितनी तेजी से निकल रहा है।

इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन तैयारी में लापरवाही भी नहीं होनी चाहिए।


बारिश के मौसम के लिए Merahi Flood Safety Checklist

बारिश शुरू होने से पहले इस छोटी सी checklist को जरूर देख लें:

☑ घर के आसपास पानी निकलने का रास्ता साफ है
☑ जरूरी कागजात सुरक्षित हैं
☑ मोबाइल और Power Bank चार्ज हैं
☑ टॉर्च तैयार है
☑ पीने का पानी सुरक्षित है
☑ जरूरी दवाइयाँ उपलब्ध हैं
☑ अनाज और पशु चारा ऊँची जगह पर है
☑ बच्चों को बाढ़ के पानी से दूर रहने को समझाया है
☑ पशुओं के लिए सुरक्षित स्थान तैयार है
☑ परिवार को सुरक्षित स्थान की जानकारी है
☑ स्थानीय मौसम और प्रशासनिक सूचना पर नजर है
☑ बहते पानी वाले रास्ते से जाने से बचेंगे


अंत में...

मेरही हमारा गाँव है। यहाँ की गलियाँ, खेत, पोखर, मंदिर, स्कूल और लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी—सब एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। इसलिए बाढ़ या जलभराव से बचाव सिर्फ प्रशासन का काम नहीं है। घर का एक व्यक्ति अगर नाली साफ रखने पर ध्यान दे, दूसरा जरूरी सामान सुरक्षित रखे, तीसरा मौसम की जानकारी देखे और सभी लोग बच्चों तथा बुजुर्गों का ध्यान रखें, तो छोटी-छोटी सावधानियाँ मिलकर बड़ी सुरक्षा बन सकती हैं। बारिश गाँव के लिए जरूरी है, लेकिन बारिश के साथ आने वाले खतरे को समझना भी उतना ही जरूरी है।

मेरही में बाढ़ से बचाव की सबसे अच्छी तैयारी यही है—

“पानी आने का इंतजार मत कीजिए, तैयारी पहले से रखिए।”

स्रोत और संदर्भ: Merahi Village की स्थानीय भौगोलिक जानकारी, Siwan District Administration, Bihar Water Resources Department, National Remote Sensing Centre (NRSC) Flood Hazard Atlas और NDMA के SACHET disaster-alert resources। Merahi से जुड़े स्थानीय आँकड़ों में Census 2011 आधारित जानकारी का उपयोग किया गया है।

महत्वपूर्ण नोट: यह लेख सामान्य जन-जागरूकता और तैयारी के उद्देश्य से है। वास्तविक बाढ़ की स्थिति में स्थानीय प्रशासन, मौसम विभाग और अधिकृत आपदा प्रबंधन एजेंसियों के निर्देशों को प्राथमिकता दें।

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Thursday, September 17, 2026

🔧 विश्वकर्मा पूजा की हार्दिक शुभकामनाएँ — मेरही गाँव की ओर से

मेरही गाँव | विशेष शुभकामना संदेश

विश्वकर्मा पूजा के पावन अवसर पर मेरही गाँव के सभी ग्रामवासियों की ओर से आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ। 🙏🌺

भगवान विश्वकर्मा को सृजन, निर्माण, शिल्प, तकनीक और कर्म-कौशल का प्रतीक माना जाता है। यह पर्व हमें याद दिलाता है कि किसी भी निर्माण के पीछे केवल मशीनें और औज़ार नहीं, बल्कि मेहनत, हुनर, लगन और ईमानदारी का भी महत्वपूर्ण योगदान होता है।

गाँव से लेकर शहरों तक, खेतों में काम करने वाले किसान से लेकर लोहार, बढ़ई, मिस्त्री, कारीगर, इंजीनियर, तकनीशियन और विभिन्न व्यवसायों से जुड़े मेहनतकश लोगों तक—हर वह हाथ जो अपने हुनर और परिश्रम से कुछ बनाता है, हमारे समाज के निर्माण में अपना योगदान देता है।

🌿 मेरही गाँव की ओर से एक संदेश

हमारे लिए विश्वकर्मा पूजा केवल औज़ारों और मशीनों की पूजा का दिन नहीं, बल्कि श्रम और कौशल के सम्मान का दिन भी है।

हम सभी मिलकर यह संकल्प लें कि अपने काम को पूरी लगन और ईमानदारी से करेंगे, अपने हुनर का सम्मान करेंगे और आने वाली पीढ़ियों को मेहनत, सीखने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करेंगे।

जिस हाथ में हुनर है,

जिस मन में विश्वास है,

और जिस कर्म में ईमानदारी है—

वहीं से एक बेहतर भविष्य का निर्माण होता है। 🌱

आज के इस शुभ अवसर पर हम भगवान विश्वकर्मा से प्रार्थना करते हैं कि मेरही गाँव और यहाँ के सभी परिवारों में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली बनी रहे। सभी के कार्य सफल हों और हर घर में उन्नति का प्रकाश पहुँचे।

🙏 शुभकामना

भगवान विश्वकर्मा की कृपा और आशीर्वाद से

आपके सभी कार्य सफल हों,

आपका हुनर निखरे,

आपका परिश्रम रंग लाए

और जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहे।

मेरही गाँव के समस्त ग्रामवासियों की ओर से

आप सभी को

🌺 विश्वकर्मा पूजा की हार्दिक शुभकामनाएँ। 🌺

जय श्री विश्वकर्मा! 🙏

जय मेरही, जय बिहार! 🌿


📍 मेरही गाँव

हमारा गाँव, हमारी पहचान

— मेरही गाँव के ग्रामवासियों की ओर से

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Monday, August 24, 2026

Journey from Surat to Gorakhpur for #Merahi


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Sunday, September 7, 2025

Official logo of Merahi Village

Dear Viewers,

After thinking a lot about these matters, we have decided that we will make some changes in our logo so that we do not face any legal problems regarding some words. We hope that your love will remain as it was before.

Thank you,
Team Merahi.
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प्रिय दर्शकों,

इन मुद्दों पर काफ़ी विचार-विमर्श के बाद, हमने तय किया है कि हम अपने प्रतिनिधित्व चिह्न में कुछ बदलाव करेंगे ताकि हमें कुछ शब्दों को लेकर किसी भी तरह की क़ानूनी समस्या का सामना न करना पड़े। हमें उम्मीद है कि आपका प्यार पहले जैसा ही बना रहेगा।

धन्यवाद,
टीम मेरही।



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Sunday, July 20, 2025

Boddha Temple Rajgir | Vishwa Shanti Stupa, Rajgir



Vishwa Shanti Stupa ('World Peace Stupa') is a large white Peace Pagoda in Rajgir, Nalanda District, Bihar, near Gitai Mandir. Statues of the Buddha are mounted on the stupa in four directions. It also has a small Japanese Buddhist temple with a large park.

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Saturday, April 19, 2025

Entrance Road for Annapurna Mataji Mandir, Modipur, Mehsana | Merahi


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Shri Bhagwat Gita Paath, Chandparsha - P7 | Merahi Village | Merahi #Chandparsa


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Shri Bhagwat Gita Paath, Chandparsha - P6 | Merahi Village | Merahi #Chandparsa


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Friday, April 18, 2025

Shri Bhagwat Gita Paath, Chandparsha - P5 | Merahi Village | Merahi #Chandparsa


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Shri Bhagwat Gita Paath, Chandparsha - P4 | Merahi Village | Merahi


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Shri Bhagwat Gita Paath, Chandparsha - P3 | Merahi Village | Merahi #Merahi


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Shri Bhagwat Gita Paath, Chandparsha - P2 | Merahi Village | Merahi #Merahi


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Thursday, April 17, 2025

Shri Bhagwat Gita Paath, Chandparsha - P1 | Merahi Village | Merahi #BhagwatGita #Merahi


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Thursday, April 10, 2025

Gehu Ke Season Me Barish | Merahi Village #Merahi


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Friday, April 4, 2025

Wheelchair Accessibility - The Sun Temple, Modhera, Mehsana GJ | Merahi #Shorts #Wheelchair


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Monday, March 17, 2025

Oil Pumping Station, ONGC Jotana, Mehsana | Merahi Village | Merahi


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Saturday, March 15, 2025

Holi celebration in village


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Wednesday, February 12, 2025

Basant Panchami Murti Bisharjan 🙏#merahi


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Basant panchami murti Bisharjan #basantpanchami #holispecial #holisongs #holinewbhojpurisong


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Saturday, February 8, 2025

BIDAI


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